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Ketan Agrawal Murder Case: सिया गोयल ने खुली अदालत में बदला वकील, भाई पर 10 करोड़ रुपये का हर्जाना, केतन अग्रवाल केस में कोर्टरूम ड्रामा!

केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया कानूनी विवाद सामने आया है। अदालत में सिया गोयल ने वकील बदलने की बात कही, जिसके बाद पूर्व वकील ने उनके भाई साहिल गोयल पर 10 करोड़ रुपये के हर्जाने का दावा किया।

Reported by India Headlines TV and edited by Tanvi Pandey

Ketan Agrawal Murder Case: चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब जांच से अलग एक नया कानूनी विवाद सामने आया है। वडगांव मावल कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपी सिया गोयल के एक बयान ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। अदालत में उन्होंने स्पष्ट कहा कि एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव उनके वकील नहीं हैं और उनकी ओर से अधिवक्ता विपुल दुशिंग पैरवी कर रहे हैं। इस बयान के बाद वकालत के अधिकार को लेकर विवाद गहरा गया है और मामला अब करोड़ों रुपये के हर्जाने तक पहुंच गया है।

खुली अदालत में बदला रुख

मामले की सुनवाई के दौरान जब सिया गोयल को अदालत में पेश किया गया, तो न्यायालय के समक्ष उन्होंने अपने कानूनी प्रतिनिधित्व को लेकर अलग रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से अब एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव नहीं, बल्कि अधिवक्ता विपुल दुशिंग केस देख रहे हैं। अदालत में दिए गए इस बयान ने मौजूद लोगों के साथ-साथ कानूनी हलकों में भी चर्चा छेड़ दी।

वकालतनामे को लेकर बढ़ा विवाद

एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव का दावा है कि सिया गोयल ने पहले उनके पक्ष में विधिवत वकालतनामे पर हस्ताक्षर किए थे। उनके अनुसार, इसी आधार पर वे आरोपी की ओर से कानूनी प्रक्रिया में शामिल हुए थे। लेकिन अदालत में अचानक दिए गए बयान से उनकी पेशेवर स्थिति पर सवाल खड़े हुए। श्रीवास्तव का कहना है कि यह बदलाव सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुआ और इसके पीछे बाहरी हस्तक्षेप की भूमिका हो सकती है।

भाई साहिल गोयल पर गंभीर आरोप

इस पूरे विवाद में एडवोकेट श्रीवास्तव ने सीधे तौर पर सिया गोयल के भाई साहिल गोयल को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि साहिल ने ही सिया को वकील बदलने के लिए प्रेरित किया और उनके खिलाफ भ्रामक बातें फैलाकर उनकी पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचाया। इसी आधार पर उन्होंने साहिल गोयल के खिलाफ 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए कानूनी नोटिस भेजा है।

‘पेशेवर साख को पहुंची ठेस’

कानूनी नोटिस में एडवोकेट श्रीवास्तव ने कहा है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उनका दावा है कि इन घटनाओं से वर्षों की मेहनत से अर्जित उनकी पेशेवर प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि किसी अधिवक्ता की साख उसके पेशे की सबसे बड़ी पूंजी होती है और उसे नुकसान पहुंचाने का प्रयास गंभीर मामला है।

सार्वजनिक माफी की भी मांग

हर्जाने की मांग के साथ-साथ नोटिस में कुछ अन्य शर्तें भी रखी गई हैं। एडवोकेट श्रीवास्तव ने मांग की है कि साहिल गोयल उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप वापस लें और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। इसके अलावा लिखित आश्वासन भी देने को कहा गया है कि भविष्य में उनके खिलाफ इस तरह के कथित आधारहीन आरोप या बयान दोबारा नहीं दिए जाएंगे।

मामले ने लिया नया मोड़

केतन अग्रवाल हत्याकांड की सुनवाई पहले ही कई महत्वपूर्ण मोड़ों से गुजर रही है। अब वकील बदलने और हर्जाने के दावे से जुड़ा यह नया विवाद मामले को एक अलग कानूनी दिशा में ले गया है। फिलहाल अदालत में मूल आपराधिक मुकदमे की सुनवाई अपनी प्रक्रिया के अनुसार जारी है, जबकि वकील और आरोपी पक्ष के बीच शुरू हुआ यह नया विवाद भी कानूनी रूप से आगे बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में अदालत और संबंधित पक्षों की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।

ये भी पढ़ें: सिया आखिर क्यों खामोश रही? लोहागढ़ किले पर रीक्रिएशन के दौरान सामने आई जांच की नई परतें

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